हरिद्वार

कनखल पुलिस की मुस्तैदी, सजगता और तत्परता से एक महिला की जान बच गई। एक युवक ने अपनी ही मां को घर में बंधक बनाकर गैस सिलेंडर से जिंदा जलाने की धमकी दे दी थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी जगजीतपुर उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए हमलावर को काबू कर लिया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। जबकि आरोपी बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से आरोपी नमन पुत्र स्व0 तनमय नि0 राधिका एनक्लेव थाना कनखल जनपद हरिद्वार को जेल भेज दिया गया है।
घटना 12 मार्च 2026 की शाम करीब 6:24 बजे की है, जब डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि राधिका एन्कलेव कॉलोनी में एक व्यक्ति ने अपनी मां को घर में बंद कर रखा है और एलपीजी गैस का रिसाव कर आग लगाने की धमकी दे रहा है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी जगजीतपुर उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक तत्काल मौके पर पहुंचे और पड़ोसियों से जानकारी जुटाई।
पुलिस के कई प्रयासों के बावजूद जब आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला तो हालात तनावपूर्ण हो गए और आशंका जताई जाने लगी कि कहीं महिला को नुकसान न पहुंचा दिया गया हो। ऐसे में चौकी प्रभारी सुधांशु कौशिक ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए एक अलग रणनीति अपनाई। उन्होंने पुलिस कर्मियों को लोहे काटने वाला कटर (ग्राइंडर) लाने के लिए भेजा और स्वयं आरोपी को बातचीत में उलझाए रखा।
कुछ ही देर में पुलिस कर्मी कटर लेकर पहुंचे। इस दौरान उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक ने मकान के बाहर लकड़ी की सीढ़ी लगवाई और मकान की छत पर बनी मुमटी तक पहुंचे। वहां लगी खिड़की का शीशा तोड़कर वह घर के अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि आरोपी नमन शर्मा के हाथ में चाकू था और गैस सिलेंडर की गैस भी खुली हुई थी, जबकि उसके हाथ में लाइटर भी था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक ने बिना समय गंवाए साहसिक कदम उठाया और अचानक झपट्टा मारकर आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने उसे जमीन पर गिराकर काबू कर लिया और उसके हाथ से चाकू छुड़ा दिया। इसी दौरान बाहर मौजूद पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक कटर से मुख्य गेट काटकर खोल दिया, जिससे अन्य पुलिसकर्मी भी अंदर पहुंच गए।
इसके बाद बरामदे के पास लगे जालीदार दरवाजे को भी कटर से काटकर खोला गया और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। वहीं घर के अंदर एक कमरे में बंद महिला शालिनी शर्मा को सुरक्षित बाहर निकालकर पड़ोसियों के सुपुर्द किया गया
